जब Ratan Tata ने पाकिस्तानी कारोबारियों से मिलने से कर दिया था इंकार

 

जब Ratan Tata ने पाकिस्तानी कारोबारियों से मिलने से कर दिया था इंकार, वजह जानेंगे तो हो जाएंगे उनके फैन

टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन और दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा(Ratan Tata) किसी परिचय के मोहताज नहीं है और भारत में लोग उनका कितना सम्मान करते हैं. इस बात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बीते दिनों एक कार्यक्रम के दौरान दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस (Infosys) के संस्थापक सदस्य एम.नारायणमूर्ति ने उनके भरे मंच पर पैर छूए थे. गौरतलब है कि इंफोसिस और टाटा ग्रुप की टीसीएस (TCS) एक दूसरे की प्रतिद्वंदी कंपनी है. इन दिनों रतन टाटा फिर सुर्खियों में बने हुए हैं. दरअसल सोशल मीडिया पर रतन टाटा को भारत रत्न (Bharat Ratna) देने की मुहिम चल रही है. जिसे लेकर लाखों लोग ट्वीट कर रहे हैं. हालांकि अब खुद रतन टाटा ने ट्वीट कर इस मुहिम को रोकने की विनम्र अपील की है. आइए जानते हैं रतन टाटा के जीवन से जुड़ी दिलचस्प बातें-

जब पाकिस्तान के कारोबारियों से मिलने से कर दिया था इंकार
साल 2008 में हुए मुंबई अटैक के दौरान होटल ताज को काफी नुकसान पहुंचा था. जिसे रिपेयर करने के लिए टाटा ग्रुप ने टेंडर निकाले. इस दौरान दो Pakistan कंपनियों ने भी इन टेंडर को भरा. जब रतन टाटा को पता चला तो उन्होंने पाकिस्तानी कंपनियों को टेंडर देने से इंकार कर दिया. इस पर पाकिस्तानी कंपनियों के प्रतिनिधि भारत उनसे मिलने पहुंच गए. लेकिन रतन टाटा ने उनसे मिलने से इंकार कर दिया. इस पर उन पाकिस्तानी कारोबारियों ने किसी बड़े नेता से सिफारिश भी लगवायी लेकिन रतन टाटा ने इसके बावजूद पाकिस्तानी कारोबारियों से मिलने से साफ इंकार कर दिया. इतना नहीं 2008 के बाद पाकिस्तान ने टाटा की कार टाटा सूमो को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई थी लेकिन तब भी रतन टाटा ने अपने नुकसान की परवाह किए बगैर पाकिस्तान को कारें बेचने से इंकार कर दिया था


जब Ratan Tata की शादी होते-होते रह गई थी
रतन टाटा ने अमेरिका की कॉरनेल यूनिवर्सिटी और हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से अपनी पढ़ाई की है. इसके साथ ही रतन टाटा ने कुछ साल अमेरिका में नौकरी भी की. इस दौरान उन्हें एक अमेरिकी लड़की से प्यार हो गया था. दोनों शादी करने के लिए राजी भी हो गए थे. तभी रतन टाटा की दादी की तबीयत खराब हो गई और उन्हे भारत लौटना पड़ा. रतन टाटा ने उस लड़की से भी साथ चलने को कहा लेकिन उस वक्त जारी भारत चीन युद्ध के डर से वह लड़की भारत नहीं आयी और इस तरह रतन टाटा की शादी होते-होते रह गई

जब फोर्ड कंपनी के मालिक ने रतन टाटा को अपमानित कर कहा था कि 'हम तुम पर अहसान कर रहे हैं'
रतन टाटा किस मजबूत शख्सियत के मालिक हैं इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वह जो एक बार ठान लेते हैं, वो करके ही दम लेते हैं. इसका एक जबरदस्त प्रेरक किस्सा है

दरअसल टाटा ग्रुप द्वारा बनायी गई इंडिका कार उतनी सफल नहीं हुई और कंपनी घाटे में जाने लगी. इस पर रतन टाटा ने कंपनी को बेचने का फैसला किया. अमेरिकी दिग्गज आटोमोबाइल कंपनी फोर्ड मोटर ने टाटा आटोमोबाइल कंपनी को खरीदने में रुचि दिखाई. इसके लिए रतन टाटा अपनी टीम के साथ अमेरिका के डेट्रायट स्थित फोर्ड मुख्यालय गए. जब सौदा लगभग तय हो गया तो फोर्ड के मालिक बिल फोर्ड ने तंज कसते हुए टाटा को कहा कि जब कार बनानी नहीं आतीं तो क्यों बनाते हो? हम तुम्हारी कंपनी को खरीदकर तुम पर अहसान कर रहे हैं. इस बात से रतन टाटा इतने निराश हुए कि उन्होंने कंपनी नहीं बेचने का फैसला किया और वापस लौट आए

 

इसके बाद रतन टाटा ने खूब मेहनत कर अपनी आटोमोबाइल कंपनी को फिर से खड़ा किया और उसे मुनाफे में ले आए. इस बीच फोर्ड कंपनी की हालत खराब हो गई और वक्त का पहिया ऐसा घूमा कि फोर्ड को बेचने की नौबत गई. इस पर रतन टाटा ने फोर्ड को खरीदने में रुचि दिखाई. जिसके लिए बिल फोर्ड और उनकी कंपनी मुंबई आए. सौदे के दौरान बिल फोर्ड ने रतन टाटा से कहा था कि आप हमारी कंपनी खरीदकर हम पर बड़ा एहसान कर रहे हैं. बता दें कि फोर्ड के दो बड़े ब्रांड जगुआर और लैंड रोवर अब टाटा के पास हैं

2008 Mumbai Attack के बाद दिखाई थी दरियादिली
साल 2008 में हुए मुंबई अटैक के दौरान ताज होटल के कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बगैर मेहमानों की रक्षा की थी. हमले के बाद रतन टाटा ने हमले में घायल हुए सभी कर्मचारियों का अपने खर्चे पर इलाज कराया था. इतना ही नहीं हमले में जो कर्मचारी मारे गए उनके परिजनों को आर्थिक सहायता भी दी थी. यहां तक कि होटल के आसपास ठेले खोमचे लगाने वाले लोगों को भी रतन टाटा ने आर्थिक मदद और इलाज की सुविधा दी थी.

रतन टाटा को ट्वीट कर ट्रोल हुई लड़की
रतन टाटा बीते कुछ समय पहले ही सोशल मीडिया पर आए हैं. हालांकि रतन टाटा की लोकप्रियता इतनी जबरदस्त है कि कुछ ही समय में उनके एक मिलियन सब्सक्राइबर्स हो गए. इस पर रतन टाटा ने ट्वीट कर अपने यूजर्स को धन्यवाद किया. रतन टाटा के इस ट्वीट पर एक लड़की ने उन्हें बधाई देते हुए छोटू कह दिया. इस बात पर अन्य यूजर इतना भड़क गए कि उन्होंने उस लड़की को ट्रोल करना शुरू कर दिया. हालांकि बाद में रतन टाटा ने अपनी महानता का परिचय दिया और उस लड़की से खुद माफी मांगी. लड़की ने भी अपने ट्वीट को डिलीट कर अपनी गलती को सुधारा

 

ड्रीम प्रोजेक्ट फेल होने पर टाटा मोटर्स बेचने वाले थे रतन टाटा ,फोर्ड ने किया अपमान, तो JLR खरीदकर लिया था बदला

 

 

ड्रीम प्रोजेक्ट फेल होने पर टाटा मोटर्स बेचने वाले थे रतन टाटा ,फोर्ड ने किया अपमान, तो JLR खरीदकर लिया था बदला

असफलता से सफलता की कहानी लिखना तो कोई रतन टाटा से सीखे. 1999 में टाटा समूह की बड़ी यात्री कार टाटा इंडिका से अपेक्षित लाभ मिलने पर अपने यात्री वाहन खंड को फोर्ड मोटर्स को बेचने का फैसला करने के बाद, कंपनी के कुछ अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर अपमानित किए जाने से आहत रतन टाटा ने अपनी रणनीति बदली और केवल सफलता हासिल की बल्कि 2008 में फोर्ड की जेएलआर को खरीद लिया

टाटा इंडिका नहीं दे पाई थी अपेक्षित लाभ, फोर्ड मोटर्स के बेचने वाले टाटा मोटर्स

टाटा समूह की बड़ी यात्री कार टाटा इंडिका पेश किए जाने के एक वर्ष बाद भी अपेक्षित लाभ नहीं दे रही थी. हताश होकर रतन टाटा के नेतृत्व में टाटा मोटर्स के शीर्ष अधिकारियों ने फोर्ड मोटर्स के यात्री वाहन खंड को प्रमुख अमेरिकी वाहन विनिर्माता को संभावित रूप से बेचने का अनुरोध स्वीकार कर लिया. कुछ लोगों ने टाटा को कारोबार बेचने की सलाह दी थी और फोर्ड के अधिकारी बातचीत करने के लिए बॉम्बे हाउस पहुंचे थे


फोर्ड के अधिकारियों ने किया था भारतीयों को अपमानित

टाटा मुख्यालय में हुई बैठक के दौरान अमेरिकी कंपनी ने कारोबार खरीदने में रुचि दिखाई. इसके बाद रतन टाटा के नेतृत्व में टाटा के शीर्ष अधिकारी बैठक के लिए अमेरिका पहुंच गए, जो करीब तीन घंटे तक चली. बैठक में उपस्थित एक व्यक्ति के अनुसार, फोर्ड के अधिकारियों ने डेट्रॉयट की बैठक में आए भारतीयों कोअपमानितकिया. फोर्ड के अधिकारियों ने अपने मेहमानों से कहा, ‘आपको कुछ भी पता नहीं है,आपने यात्री कार खंड क्यों शुरू कियाऔर भारतीय कंपनी का कारोबार खरीदकर उस पर एहसान करने की बात कही. सौदा टूट गया.

फ्लाइट में उदास बैठे थे रतन टाटा 

रतन टाटा को इस शर्मनाक अनुभव ने अपने लक्ष्यों पर और अधिक ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने इकाई को बेचने का फैसला किया. इसके बाद जो हुआ वह असफलता से सफलता की कहानी रचने की एक बेहतरीन मिसाल है. दल ने बैठक के तुरंत बाद भारत लौटने का फैसला किया, जिसे वहां मौजूद व्यक्ति ने ‘‘अपमानजनक’’ बताया. न्यूयॉर्क लौटते समय 90 मिनट की उड़ान में उदास रतन टाटा कुछ ही शब्द बोले. पूरे समय वह चुप से थे

2008 में टाटा ग्रुप ने खरीदा फोर्ड का JLR 

टाटा ग्रुप के पुराने सदस्य प्रवीण काडले ने कुछ वर्ष पहले एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा था, ‘यह 1999 की बात है और 2008 में फोर्ड की उसी जेएलआर को हमने खरीद लिया. फोर्ड के चेयरमैन बिल फोर्ड ने टाटा को धन्यवाद देते हुए कहा था किजेएलआर खरीदकर आप हम पर बड़ा एहसान कर रहे हैं.’' टाटा समूह ने 2008 में फोर्ड से 2.23 अरब अमेरिकी डॉलर के सौदे में सेडान और स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहन बनाने वाले प्रतिष्ठित ब्रांड खरीद लिए थे

जगुआर लैंड रोवर ने दी रतन टाटा को श्रद्धांजलि

अधिग्रहण के बाद, टाटा समूह ने मोटर वाहन उद्योग में सबसे शानदार बदलावों में से एक की पटकथा लिखी है और ब्रिटिश ब्रांड को कड़ी प्रतिस्पर्धा वाले वैश्विक कार बाजार में मजबूत इकाई के रूप में स्थापित करने में सफल रहा है. टाटा मोटर्स ने भले ही एक लंबा सफर तय किया है और भारत में बाजार हिस्सेदारी हासिल की है, लेकिन अब भी वह जेएलआर से अपने राजस्व का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अर्जित कर रहा है. इस बीच, जगुआर लैंड रोवर ने रतन टाटा को श्रद्धांजलि देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि उनके प्रेरणादायक नेतृत्व से ब्रिटिश ब्रांड को दुनिया भर में अभूतपूर्व सफलता हासिल करने में मदद मिली

जेएलआर के सीईओ ने कही ये बात

जेएलआर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एड्रियन मार्डेल ने बयान में कहा, ‘रतन टाटा के निधन से पूरा जेएलआर परिवार बेहद दुखी है. उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियां और विरासत समाज में बेमिसाल हैं. उन्होंने हमारे कारोबार और ब्रांड पर जो छाप छोड़ी है, वह किसी भी अन्य व्यक्ति की तुलना में कहीं अधिक है.’ उन्होंने कहा कि टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन ने ब्रिटिश वाहन विनिर्माता कंपनी के इतिहास में नये अध्याय लिखने की प्रेरणा दी है

मार्डेल ने कहा, ‘यह उनकी विलक्षण दूरदृष्टि ही थी कि टाटा ने 2008 में जेएलआर का अधिग्रहण किया और तब से लेकर अब तक हम जो कुछ भी हैं, वह उनके अटूट समर्थन तथा समर्पण से ही संभव हो पाया.’

 

Motivational GK

कर्नल हार्लैंड सैंडर्स: KFC के संस्थापक की संघर्ष भरी जीवन और कठिनाइयों से भरी प्रेरक यात्रा

  केंटकी फ्राइड चिकन (KFC) आज दुनिया की सबसे बड़ी फास्ट फूड चेन है, जिसके लाखों आउटलेट्स हैं और अरबों का कारोबार। लेकिन इस साम्राज्य के पीछे...

Motivational and Inspired